तुरैहा समाज ने शहीद अकलू तुरैहा को किया नमन
शहादत दिवस पर किया गया नमन
मेंहदावल, संतकबीरनगर।
तुरैहा समाज के लोगो ने देश की आजादी के लिए अल्पायु में ही अपने जान को न्योछावर कर दिया। 14 अगस्त 1942 को अंग्रेजों से लोहा लेते हुए अंग्रेजों की गोली से शिकार हो गए। देश मे तुरैहा समाज के लोगों के लिए शहीद अकलू की शहादत को समाज भी पूरे गर्व से अपने शहीद को नमन करता है।
इसी कड़ी में मेंहदावल नगर में भी तुरैहा समाज के द्वारा शहादत दिवस पर शहीद अकलू तुरैहा को नमन किया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने तुरैहा समाज के युवा शहीद शहीद अकलू तुरैहा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजक समाज के तुरैहा समाज
समाज सेवी संतराम तुरैहा ने शहीद अकलू तुरैहा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन करते हुए कहा कि शहीद अकलू तुरैहा समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। देश के लिए अपने जीवन को कुर्बान कर दिया। इन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महज 18 वर्ष की आयु में ही वे कूद पड़े थे और बिहार के मधुबनी में उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई लड़ते हुए 14 अगस्त 1942 को वे शहीद हो गए। बहुत ही कम उम्र में ही देश के लिए शहीद हो गए। इनकी शहादत हमारे समाज के लिए फक्र की बात है। इस तरह से अनेको बातों को कहा गया। इस अवसर पर संतराम तुरैहा, दुर्बली तुरैहा, गोलू, शेषनाथ, दिनेश निषाद, मिठाई लाल, मुरारी, बाला जोगी,राहुल, भोला, विनय, प्रिंस, मिठाई लाल, प्रमोद, मनीष अग्रहरि, किशन आदि अनेकों लोग उपस्थित रहे।

