डीएम द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खलीलाबाद का किया गया स्थलीय निरीक्षण, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
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डीएम ने सीएचसी खलीलाबाद में वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों के तीमारदारों से जाना हाल, मरीजों की सुविधाओं के दृष्टिगत संबंधित को दिए गए निर्देश।
संत कबीर नगर 16 जनवरी, 2026 (सूचना विभाग)। जिलाधिकारी आलोक कुमार द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रामानुज कनौजिया उपस्थित रहे।

निरीक्षण के समय मौके पर उपस्थित डॉ0 केपी सिंह द्वारा बताया गया कि अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद एक प्रकरण में मगहर गए हुए है। उन्होंने बताया कि सीएचसी खलीलाबाद सन् 2014 से पूर्व जिला अस्पताल के रूप में कार्यरत था। इस समय हॉस्पिटल में 04 डॉक्टर कार्यरतहै जिसमें से डाॅ0 वरुणेश दुबे व डॉ0 रामशिला अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण के समय सुनीता यादव स्टाफ नर्स, रितेश्वर श्रीवास्तव फार्मासिस्ट, आमोद कुमार मिश्रा आयुष फार्मासिस्ट, राजेश कुमार सिंह HPZO, अर्चना श्रीवास्तव BM, धर्मेंद्र कुमार DPZO, अभय त्रिपाठी BOM भी अनुपस्थित पाए गए।
एक्स-रे कक्ष के निरीक्षण के दौरान डॉ0 केपी सिंह द्वारा बताया गया कि दिनांक 23 दिसंबर 2025 से कोई एक्स- रे नहीं किया गया है क्योंकि एक्स-रे फिल्म नहीं है। सीएमओ द्वारा बताया गया कि जब से डिजिटल एक्स-रे चालू हुआ है तभी से एक्स-रे फिल्म नहीं मिल पा रही है।

दवा वितरण कक्ष के निरीक्षण में पाया गया कि लगभग 200 लाइफ सेविंग दवाएं इमरजेंसी वार्ड में रखें है। डॉ0 केपी सिंह द्वारा बताया गया कि किसी भी पेशेंट की दवा बाहर से नहीं लिखी जाती हैं।
ऑपरेशन थिएटर के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण के निर्देश दिए गए। मौके पर उपस्थित डॉ0 द्वारा बताया गया कि यहां पर नसबंदी व डिलीवरी की जाती है, यहां पर कोई भी सर्जन नहीं है। ऑपरेशन थिएटर के सभी यंत्र चालू हालत में साफ सुथरे रखे हुए हैं।
जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान जनरल वार्ड में मौजूद तीमारदारों से बातचीत की गई। जनरल वार्ड में उपस्थित पेशेंट से पूछा गया तो उन्होंने बताया गया कि दवाई मिल रही है, बाहर से दवाई नहीं खरीदी जा रही है, कोई समस्या नहीं हैं। मौके पर जनरल वार्ड में 06 पेशेंट थी जिनमें एक बच्चा भी था जिसमें 03 महिला पेशेंट की डिलेवरी हुई थी, 02 पेशेंट किसी अन्य बीमारी से व 01 बच्चा ठंड लगने से पेट दर्द के कारण भर्ती था जिसका उपचार किया गया था, उसकी स्थिति सामान्य थी। ईटीसी वार्ड में कुल 07 बेड थे जिस पर कोई पेशेंट नहीं था।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक यूनिट के निरीक्षण में साफ-सफाई का अभाव पाया गया, प्रसाधन कक्ष में इनडोर मरीजों के लिए एक ही प्रसाधन कक्ष है जिसमें बाहरी लोग भी प्रसाधन के लिए आते हैं है। प्रसाधन कक्ष में साफ-सफाई नहीं है और स्थिति भी बहुत खराब है। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए नियमित साफ-सफाई के निर्देश दिए गए।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्थलीय निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के सभी यूनिट की भवन में मरम्मत की आवश्यकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने एस्टीमेट बनाकर शासन से बजट की मांग करने हेतु निर्देशित किया है।
स्टोर रूम में निरीक्षण के दौरान लगभग 200 प्रकार की दवा थी जिसका पंजिका पर मैन्युफैक्चरिंग तिथि व एक्सपायरी तिथि अंकित थी। एक्सपायरी दवाओं के बारे में बताया गया कि बायोमेडिकल से डिस्पोज करा देते हैं। कोई भी दवाई एक्सपायर नहीं हैं। एक्सपायरी दवाओं में इंडोपामिन इंजेक्शन है जो कम प्रयोग होने के कारण एक्सपायर हो जाता है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, दवाओं एवं चिकित्सकों की उपलब्धता और मरीजों की सुविधाओं आदि के बारे में संबंधित चिकित्सकों से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया तथा कहा कि अस्पताल में समस्त चिकित्सीय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए।

