समूह गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने सिखा हिंदी वर्णमाला-संजय द्विवेदी
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ए. एच. एग्री. इंटर कालेज दुधारा में भारतीय भाषा समर कैम्प-2026 शुरू
20 मई तक प्रतिदिन चलेगा भारतीय भाषा समर कैंप
सेमरियावां (संत कबीर नगर) उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर बुधवार को ए. एच. एग्री. इंटर कालेज दुधारा में समर कैम्प शुरू हुआ। समर कैम्प 20 मई तक निरंतर चलेगा। समर कैम्प की अध्यक्षता प्रधानाचार्य संजय द्विवेदी व संचालन मोहम्मद इस्तियाक अंसारी ने किया। समर कैम्प में बच्चों को हिंदी वर्णमाला, संख्याएं, हस्ताक्षर, मूल अभिवादन व दैनिक उपयोग के सरल वाक्यांश बनाने का अभ्यास कराया गया।

समर कैम्प को समाचार संजय द्विवेदी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि हिंदी वर्णमाला (देवनागरी लिपि) वैज्ञानिक, व्यवस्थित और ध्वनि- आधारित है, जिसमें कुल 52 वर्ण (11 स्वर, 33 व्यंजन + संयुक्त, अयोगवाह, द्विगुण) होते हैं। यह जैसा लिखा जाता है वैसा ही पढ़ा जाता है, जिसमें स्वर और व्यंजन अलग-अलग क्रम में होते हैं। इसकी मुख्य विशेषताएँ उच्चारण की स्पष्टता और वर्णों का वैज्ञानिक वर्गीकरण है।
उन्होंने कहा कि हिंदी की देवनागरी लिपि एक ‘फोनोटिक’ लिपि है, जिसका अर्थ है कि इसमें जो बोला जाता है, वही लिखा जाता है। इसमें मूक अक्षर नहीं होते।वर्णमाला में वर्णों का क्रम बहुत ही तार्किक है। पहले स्वर (अ-औ) आते हैं, फिर व्यंजन। व्यंजन उच्चारण स्थान के आधार पर वर्गों (कवर्ग, चवर्ग, टवर्ग, तवर्ग, पवर्ग) में बँटे हैं।
उन्होंने कहा कि लेखन के आधार पर हिंदी वर्णमाला में कुल 52 वर्ण होते हैं: 13 स्वर (मूल 11 + ऋ, ऌ), 35 व्यंजन (मूल 33 + द्विगुण 2), और संयुक्त व्यंजन। स्वर स्वतंत्र होते हैं, जबकि व्यंजन उच्चारण के लिए स्वरों की सहायता लेते हैं। देवनागरी लिपि की एक विशिष्टता शब्दों के ऊपर लगाई जाने वाली एक क्षैतिज रेखा है, जो अक्षरों को जोड़ती है।

इसमें ‘क्ष’, ‘त्र’, ‘ज्ञ’, और ‘श्र’ जैसे संयुक्त व्यंजन होते हैं जो दो व्यंजनों के मेल से बनते हैं।अयोगवाह: हिंदी में ‘अं’ (अनुस्वार) और ‘अः’ (विसर्ग) को ‘अयोगवाह’ कहा जाता है, जो न तो स्वर हैं और न ही व्यंजन, लेकिन हिंदी वर्णमाला का हिस्सा हैं। कैंप के दौरान गतिविधि आधारित शिक्षण, फ्लैश कार्ड, चित्र सामग्री, उच्चारण अभ्यास एवं समूह गतिविधियां कराई गई।
इस दौरान अब्दुस्सलाम, मोहम्मद परवेज अख्तर, हकीमुल्लाह, फ़खरुद्दीन, अखिलेश कुमारी, ओजेर अहमद, जुनैद अहमद, सबीह अहमद,असादुल्लाह, रफी अहमद, आरिफ अली सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

