सेमरियावां ब्लाक के ग्राम प्रधानों ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को मजबूती से रखा
इस पहल का नेतृत्व इरशाद अहमद ने किया, जबकि गोविंद सहित कई अन्य प्रधान भी इसमें शामिल रहे।
प्रधानों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समय पर पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं लग रहा है, जबकि 26 मई को मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में यदि बाहरी अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जाता है, तो इससे गांवों में चल रहे विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
प्रधानों ने तर्क दिया कि चुने हुए जनप्रतिनिधि ही स्थानीय समस्याओं, आवश्यकताओं और जमीनी हकीकत को बेहतर तरीके से समझते हैं। बाहरी प्रशासकों के आने से योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं और ग्रामीणों में असंतोष बढ़ने की आशंका है।
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को दरकिनार कर प्रशासनिक जिम्मेदारी देना उचित नहीं है।
मुख्य मांगें:

पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए
अथवा वर्तमान प्रधानों को ही अस्थायी रूप से प्रशासक नियुक्त किया जाए
प्रधानों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की है, ताकि गांवों में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहे और प्रशासनिक स्थिरता कायम रह सके।
ज्ञापन सौंपने वालों में इरशाद अहमद सिद्दीकी, गोविंद, गुड्डू, इनामुल्लाह कुरैशी, इम्तियाज अहमद, खलिकून निशा, सतीश कुमार, रामवृक्ष, इसरार अहमद, साजिद खान, देवरिया लाल, अब्दुल कलाम, भुट्टो अली, हबीबुर रहमान, राजेंद्र प्रसाद चौधरी, सुभास कनौजिया
आदि, मौजूद रहे

