डीएम के निर्देशानुसार तीनों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस के उपरांत फार्मर रजिस्ट्री अभियान की समीक्षा की गई
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संत कबीर नगर 17 जनवरी, 2026 (सूचना विभाग)। जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश के क्रम में तीनों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस के उपरांत फार्मर रजिस्ट्री अभियान की समीक्षा की गई।
तहसील धनघटा में स्वयं जिलाधिकारी द्वारा, तहसील खलीलाबाद में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा, तहसील मेहदावल में अपर जिलाधिकारी द्वारा फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए फार्मर रजिस्ट्री कराए जाने के निर्देश दिए गए।

उप कृषि निदेशक डॉ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में कुल 80747 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री कराया जाना शेष है। जिसके लिए प्रत्येक ग्राम में कैंप लगाते हुए कार्य को पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए गए। इस अभियान के अंतर्गत किसानों के भूलेख विवरण को पंजीकृत कर फॉर्मर रजिस्ट्री करते हुए गोल्डन कार्ड वितरण किया जाना है।
उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि अब तक पीएम किसान लाभार्थी 279050 के सापेक्ष 153132 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री कराया जा चुका है प्रदेश में जनपद की प्रगति संतोषजनक नहीं है। तीनों तहसील स्तर से राजस्व लेखपाल, जन सुविधा केंद्र एवं वालंटियर के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री अभियान के रूप में कराई जा रही है। फार्मार रजिस्ट्री कराए जाने से किसानों की अलग-अलग स्थान पर भूमि खतौनी विवरण एक अभिलेख के रूप में गोल्डन कार्ड के रूप में तैयार हो जाता है, जिसका प्रयोग किसान अपनी जमीन विवरण के रूप में प्रयोग कर किसान क्रेडिट कार्ड, लेवी पर धान गेहूं की बिक्री एवं अन्य सरकारी योजनाओं में लाभ प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष शासन द्वारा फार्मर रजिस्ट्री न करने पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त रोके जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए की इस अभियान में ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान, राशन कोटेदार प्रगतिशील कृषक जन सुविधा केंद्र एवं अन्य वालंटियर के सहयोग से राजस्व के एवं अन्य क्षेत्रिय कर्मचारी अनिवार्य रूप से छूटे हुए पीएम किसान लाभार्थी का फॉर्मर रजिस्ट्री जनवरी माह तक पूर्ण कर लें। उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि फार्मर रजिस्ट्री कराने हेतु किसान का आधार, आधार से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर एवं खतौनी की आवश्यकता होती है। खतौनी एवं आधार में नाम की एकरूपता होनी चाहिए। 15 से 80% नाम मैच होने पर लेखपाल के स्तर पर सत्यापन उपरांत उसकी फॉर्मर रजिस्ट्री हो जाती है एवं 80% से अधिक नाम मैच होने पर फार्मर रजिस्ट्री स्वतः हो जाती है। 15% से कम नाम मैच होने पर किसान को अपने त्रुटि पूर्ण अभिलेख में सुधार कराने की आवश्यकता होती है।

समीक्षा बैठक में उप जिलाधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, सभी संबंधित राजस्व लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

